कल मुझे एक पुरस्कार वितरण समारोह में जाने का मौका मिला ,जहाँ कुछ बातें मन में उभरी | पहले कुछ तथ्यात्मक सूचना,फिर अपने विचार |
संवेद फाउण्डेशन’ की ओर पहला ‘पीयूष किशन युवा पुरस्कार’ युवा सामाजिक कार्यकर्ता रामाशंकर कुशवाह को J.N.U में हुए एक कार्यक्रम में दिया गया | कुशवाहा जी दिल्ली विश्वविद्यालय और उसके आसपास के इलाकों कई वर्षों से पूरे मनोयोग मजदूरों के बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगा रहे हैं | यह पुरस्कार 'संवेद' और 'सबलोग ' पत्रिका के संपादक किशन कालजयी के दिवंगत पुत्र पीयूष किशन कि स्मृति में हर वर्ष दिया जायेगा | किशन जी ने इसकी सूचना देते हुए फेसबुक पर लिखा "यह पुरस्कार युवा खिलाड़ी,कलाकार और प्रबन्ध शास्त्र के मेधावी छात्र पीयूष किशन की स्मृति में हर वर्ष एक ऐसे सम्भावनाशील युवा प्रतिभा को देने का निर्णय लिया गया है जो जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए समाज के विविध क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण योगदान कर रहे हैं।" पीयूष एक अच्छा क्रिकेटर था | मुझे भी उसके साथ खेलने का मौका मिला था | उसकी स्मृति में इस पुरस्कार का स्वागत |
यह पुरस्कार एक क्रिकेट खिलाड़ी कि याद में शुरू किया गया है इसलिए मुझे लगता है कि खेल से जुड़े शख्सियतों को भी यह सम्मान मिलना चाहिए | खेल की बड़ी हस्तियाँ तो सम्मान पा जाती हैं पर बहुत से ऐसे शख्स भी हैं जो खेल के मैदान में अपनी सारी उर्जा खर्च करने के बाबजूद गुमनाम रह जाते हैं | कुछ गुदरी के लाल मौके और प्रोत्साहन के इंतजार में रहते हैं तो कुछ कोच चुपचाप युवा पीढ़ी की उर्जा का सकारात्मक उपयोग करके उनको भटकने से रोकते हैं | कठिन होते समय में खेल हमें जीवन से लड़ना और जीतना सिखाता है इसलिए खेल से जुड़े युवाओं को भी प्रोत्साहित किये जाने की जरुरत है ताकि एक स्वस्थ और उर्जावान पीढ़ी का निर्माण लगातर चलता रहे |
संवेद फाउण्डेशन’ की ओर पहला ‘पीयूष किशन युवा पुरस्कार’ युवा सामाजिक कार्यकर्ता रामाशंकर कुशवाह को J.N.U में हुए एक कार्यक्रम में दिया गया | कुशवाहा जी दिल्ली विश्वविद्यालय और उसके आसपास के इलाकों कई वर्षों से पूरे मनोयोग मजदूरों के बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगा रहे हैं | यह पुरस्कार 'संवेद' और 'सबलोग ' पत्रिका के संपादक किशन कालजयी के दिवंगत पुत्र पीयूष किशन कि स्मृति में हर वर्ष दिया जायेगा | किशन जी ने इसकी सूचना देते हुए फेसबुक पर लिखा "यह पुरस्कार युवा खिलाड़ी,कलाकार और प्रबन्ध शास्त्र के मेधावी छात्र पीयूष किशन की स्मृति में हर वर्ष एक ऐसे सम्भावनाशील युवा प्रतिभा को देने का निर्णय लिया गया है जो जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए समाज के विविध क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण योगदान कर रहे हैं।" पीयूष एक अच्छा क्रिकेटर था | मुझे भी उसके साथ खेलने का मौका मिला था | उसकी स्मृति में इस पुरस्कार का स्वागत |
यह पुरस्कार एक क्रिकेट खिलाड़ी कि याद में शुरू किया गया है इसलिए मुझे लगता है कि खेल से जुड़े शख्सियतों को भी यह सम्मान मिलना चाहिए | खेल की बड़ी हस्तियाँ तो सम्मान पा जाती हैं पर बहुत से ऐसे शख्स भी हैं जो खेल के मैदान में अपनी सारी उर्जा खर्च करने के बाबजूद गुमनाम रह जाते हैं | कुछ गुदरी के लाल मौके और प्रोत्साहन के इंतजार में रहते हैं तो कुछ कोच चुपचाप युवा पीढ़ी की उर्जा का सकारात्मक उपयोग करके उनको भटकने से रोकते हैं | कठिन होते समय में खेल हमें जीवन से लड़ना और जीतना सिखाता है इसलिए खेल से जुड़े युवाओं को भी प्रोत्साहित किये जाने की जरुरत है ताकि एक स्वस्थ और उर्जावान पीढ़ी का निर्माण लगातर चलता रहे |
ब्लाग का नया डिजाइन मनमोहक है। और सामग्री भी बढ़िया। लगे रहिए बॉस। जय हो।।
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