10 December, 2011

......आदान -प्रदान .......

गुल्ली- डंडा जैसे लुप्तप्राय खेल को दिल्ली के बच्चों को खेलते देख मजा आ गया | गांव में आलम ये है कि बच्चे क्रिकेट ही खेलते हैं भले लकड़ी का ही बैट ही क्यूँ न हो | पिछले एक सप्ताह से देख रहा हूँ कि मेरे बिल्डिंग के सामने जो फील्ड है वहां सुबह से शाम तक 10-15 बच्चे गुल्ली डंडा खेलते रहते हैं | अच्छा ही है कि शहरों और गांव ने अपने खेलो का आदान- प्रदान करना शुरु कर दिया है | वैसे भी क्रिकेट देखन का क्रेज बड़े शहरों में घट रहा है ,ये मैं नहीं कह रह हूँ इसे BCCI भी स्वीकार रही है | पिछले दिनों दिल्ली में इंग्लैंड के साथ वन डे और वेस्टइंडीज के साथ टेस्ट मैच हुआ ,कोलकाता में टेस्ट हुआ पर हर जगह दर्शक कि कमी देखी गयी , पर वही मैच जब इंदौर और विशाखापतनम जैसे छोटे शहरों में हुआ तो स्टेडियम खचाखच भर गया | समय आ गया है कि BCCI इस बात को समझे और छोटे शहरों को भी मेजबानी दे | पटना जैसे शहर को 75 साल में बस 2 मैच की मेजबानी ही मिली है | जरुरत इस बात की है कि अमीर BCCI छोटे शहरों में भी इंटरनेशनल स्टेडियम का निर्माण करे | यूपी जैसे राज्य में भी कोई इंटरनेशनल स्टेडियम नहीं है ,एक था भी ग्रीन पार्क तो प्रदेश की सरकार और क्रिकेट बोर्ड में झगड़ा के कारण वो भी अधर में है |
सो, दिल्ली में गुल्ली- डंडा को देख गांव की याद आ ही गयी ..........

08 December, 2011

आज सहवाग ने अपना 15 और वन डे का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बना दिया | मेरे लिए दोगुनी खुशी की बात यह है की आज मेरा जन्मदिन है और सहवाग ने ये कारनामा कर दिखाया | सहवाग पर टेस्ट में ही सफल रहने का जो आरोप रहा है ,उस पर जरुर लगाम लगेगा | मुझे याद है कि आज से 3-4 साल पहले सहवाग ने कहा था कि मैं वन डे मै शतक बना सकता हूँ , पर उसके बाद उनका फॉर्म लगतार खराब रहा | आज सहवाग ने साबित कर दिया कि उनका आत्मविश्वास गलत नहीं था | सहवाग फिट रहा तो ऑस्ट्रेलिया में फतह हो सकता है ......|

09 November, 2011

मरहम बना फिरोजशाह कोटला

आज कोटला में भारत ने पहला टेस्ट तो जीत लिया वेस्टइंडीज के साथ , लेकिन कुछ प्रश्न छोड़ गया ? अश्विन ने पहला टेस्ट ही नहीं खेला बल्कि 9 विकेट लेकर मैन ऑफ़ द मैच भी बन गया | उसने हरभजन के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है | ओझा ने अमित मिश्रा की राह कठिन कर दी है | किसी खास खिलाड़ी के लिए यह टेंशन का कारण भले ही हो पर देश के लिए यह फायदेमंद है | अगर स्ट्रेंथ बैंच मजबूत हो तो नियमित खिलाड़ी पर अच्छा करने का दबाव रहता है ,इससे टीम को ही फायदा होता है | वैसे हरभजन जीवट खिलाड़ी हैं वो जरुर वापसी करेंगे ,आस्ट्रलिया दौरे पर उनकी जरुरत पड़ेगी | लेकिन इतना तो तय है की अगर हरभजन उम्मीद पर खड़ा नहीं उतरा तो उसके लिए अब आगे की राह कठिन है | मेरे हिसाब से युवराज की जगह कोहली को मौका देना चाहिए | भारत में एक समस्या यह है की खिलाड़ी को अपने गोल्डेन टाइम में मौका नहीं दिया जाता ,जब वह चुक जाता है या चुकने लगता है तब उसे लाया जाता है | वैसे बरुण उरावं ,उमेश यादव ,विनय कुमार ,रेहाने ,या फिर राहुल शर्मा को मौका दे कर चयनकर्ता अपने प्रगतिशील होने का परिचय जरुर दे रहे हैं ,पर कोहली की राह अब टेस्ट के लिए नहीं रोकी जानी चाहिए | सचिन एक बार फिर महाशतक से चुक गए ,साथ ही साथ दिल्ली के लोग भी इतिहास का हिस्सा बनते बनते रह गए | लक्ष्मण को पहली बार टीवी से बाहर खेलते देखा , कलाई का इतना खुबसूरत प्रयोग की बिसू माथा पकड़ कर बैठ गया | कट मारने वाली गेंद को मिड विकेट में चौका मार दिया | कुल मिलाकर यह टेस्ट मैच इंग्लैंड में बुरी तरह हारी टीम इंडिया के लिए एक मरहम साबित होगा |