09 November, 2011

मरहम बना फिरोजशाह कोटला

आज कोटला में भारत ने पहला टेस्ट तो जीत लिया वेस्टइंडीज के साथ , लेकिन कुछ प्रश्न छोड़ गया ? अश्विन ने पहला टेस्ट ही नहीं खेला बल्कि 9 विकेट लेकर मैन ऑफ़ द मैच भी बन गया | उसने हरभजन के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है | ओझा ने अमित मिश्रा की राह कठिन कर दी है | किसी खास खिलाड़ी के लिए यह टेंशन का कारण भले ही हो पर देश के लिए यह फायदेमंद है | अगर स्ट्रेंथ बैंच मजबूत हो तो नियमित खिलाड़ी पर अच्छा करने का दबाव रहता है ,इससे टीम को ही फायदा होता है | वैसे हरभजन जीवट खिलाड़ी हैं वो जरुर वापसी करेंगे ,आस्ट्रलिया दौरे पर उनकी जरुरत पड़ेगी | लेकिन इतना तो तय है की अगर हरभजन उम्मीद पर खड़ा नहीं उतरा तो उसके लिए अब आगे की राह कठिन है | मेरे हिसाब से युवराज की जगह कोहली को मौका देना चाहिए | भारत में एक समस्या यह है की खिलाड़ी को अपने गोल्डेन टाइम में मौका नहीं दिया जाता ,जब वह चुक जाता है या चुकने लगता है तब उसे लाया जाता है | वैसे बरुण उरावं ,उमेश यादव ,विनय कुमार ,रेहाने ,या फिर राहुल शर्मा को मौका दे कर चयनकर्ता अपने प्रगतिशील होने का परिचय जरुर दे रहे हैं ,पर कोहली की राह अब टेस्ट के लिए नहीं रोकी जानी चाहिए | सचिन एक बार फिर महाशतक से चुक गए ,साथ ही साथ दिल्ली के लोग भी इतिहास का हिस्सा बनते बनते रह गए | लक्ष्मण को पहली बार टीवी से बाहर खेलते देखा , कलाई का इतना खुबसूरत प्रयोग की बिसू माथा पकड़ कर बैठ गया | कट मारने वाली गेंद को मिड विकेट में चौका मार दिया | कुल मिलाकर यह टेस्ट मैच इंग्लैंड में बुरी तरह हारी टीम इंडिया के लिए एक मरहम साबित होगा |

1 comment:

  1. BAhut achha likha hai Srimant. Ap isi tarah unnati karte rahe.
    Hamri bahut subh kamnaye apko.


    Dhananjay

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